पैट्रिक फ़ैंच की किताब –
आज़ादी या मौत
997 में गजनी महमूद अफ़गानिस्तान के मार्ग से भारत पर चढ़ आया। गजनी भारत पर आक्रमण करने वाला पहला इस्लामी
आक्रमणकारी था, जो अब हिन्दू राष्ट्रभावना मे पिशाच की तरह जाना जाता है। लेकिन
जवाहर लाल नेहरू ने साम्प्रदायिकता की ओर झुके अपने सहयोगियों का ध्यान इस तरफ़
खींचा कि गजनी का महमूद मुसलमान बाद में था, बुनियादी रूप से वो एक योद्घा था।
स्वदेशी राजपूतों को हराकर दिल्ली के सुलतानों ने अपना प्रभुत्व स्थापित कर दिया।
दक्षिण भारत के साथ लगभग पूर्ण उत्तर भारत में उनका आधिपत्य हो गया। 1856 में
मुग़ल साम्राज्य के पूर्ण पतन से पहले उनका वर्चस्व बना ही रहा। चौदहवीं सदी के
अन्त में तैमूरलंग दिल्ली में घुसा।उसी के वंशज बाबर ने मुग़ल साम्राज्य की नींव
डाली। गोहत्या बन्द करने और ग़ैर-मुसलमानों पर लगे जजिया टैक्स को ख़त्म करने से
सोलहवीं शताब्दी के अन्त में अकबर का सम्मान बहुत बढ़ गया। 1658 में औरंगजेब गद्दी
पर बैठा। उसने सम्पूर्ण कठोरता से अपना
राज्य विस्तार किया।
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