मंगलवार, 29 अगस्त 2017

"Each drop of your tear Sears our heart."


फ़ूट-फ़ूटकर रोती ये तस्वीर ज़ोहरा की है।ज़ोहरा,उनलोगों में से है,जो अब कभी अपने पिता का प्यार नही पा सकेगी।ज़ोहरा के साथ-साथ उनके तीन भाई और एक बहन से हमेशा-हमेशा के लिए पिता का साया छिन गया है।ज़ोहरा के पिता एएसआई अब्दुल रशीद पीर को आतंकवादियों ने उस वक़्त गोली मार दी,जब वो अन्नतनाग स्थित थाना सद्दार के मेहंदी कादल इलाके में अपने ज़िम्मेदारी का निर्वाह कर रहे थें।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताब़िक पीर,ज़ाम में फंसी गाड़ियों को निकलवा रहे थें,उसी वक़्त आतंकी ने उनके सीने में गोली मार दी।तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर्स उन्हें बचा ना सके।भारत माता के इस सपूत की शहादत से लोग गमगीन है।
ज़ोहरा की विलाप करती हुई,इस ह्रदय विदारक तस्वीर पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।देशभर से लोग अपने-अपने शब्दों से ज़ोहरा का ढाढस बढ़ा रहें हैं,तो कोई सहानुभूति प्रकट कर रहा है।लेकिन एक सवाल,जो मेरे मन में कौंध रहा है,वो ये कि आख़िर वो लोग और शीर्ष के राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ चैनल्स,जो दिन-रात देशभक्ति बनाम देशद्रोही पर चीखते हैं।उस चैनल्स के संपादक,एंकर और रिपोर्टर्स, एक ऐसे वक़्त में ख़ामोश क्यूं है,जब ज़ोहरा के इस ह्रदय विदारक तस्वीरों पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।क्यूं बलात्कारी बाबाओं को ही प्रधानता दिया जा रहा है?क्या जनता सिर्फ़ बलात्कारी बाबा को ही देखना चाहती है?
दक्षिण कश्मीर के डीआईजी ने अपने फ़ेसबुक पर लिखा है-My dear Zohra,your tears have shake many heart.The sacrifice made by your father will always rememberded.you are too young to understand to why this hapende.your father like all of us represent j&k police force-A hallmark of volour and sacrifice.Each drop of your tear Sears our heart.(मीडिया रिपोर्ट के अनुसार)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

भारत की राज-व्यवस्था

- भारत के संविधान को बनने में 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन लगे थे। -1600 ईस्वी में ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत में आगमन हुआ। - महारानी एलिजाबेथ प्र...