बुधवार की शाम अचानक से ख़बर आती है कि Deepika Padukone जेएनयू में वामपंथियों के कार्यक्रम में शामिल हुईं है। यह कार्यक्रम जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष और कथित रूप से दक्षिणपंथियों के हमले में जिस्मानी रूप से घायल आईशी घोष की ज़ेर-ए-सदारत में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में Kanhaiya Kumar भी शामिल हुए थें। बकौल दीपिका,वो जेएनयू में हुई हिंसा के ख़िलाफ़ और घायलों का हौसला बढ़ाने के लिए गईं थीं। लेकिन कल से लेकर अबतक दीपिका की बातों से इतर बहुत सारी बातें हो रही हैं। वामपंथी विचारधारा के समर्थकों में खुशी की लहरें उफ़ान मार रही है,क्योंकि उनकी नज़र में दीपिका Narendra Modi , Bharatiya Janata Party (BJP) की सरकार और एबीवीपी के ख़िलाफ़ खड़ी हुईं थीं, तो वहीं दूसरी तरफ़ दक्षिणपंथी हाय-तौबा मचाया हुए हैं। दीपिका को वामपंथी, टुकड़े-टुकड़े गैंग समर्थक और पता नहीं क्या-क्या कर रहे हैं। यहां तक कि इतनी गन्दी-गन्दी गालियां दे रहे हैं कि कल्पना से परे है। फ़िल्म छपाक का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं। मैंने तो ऐलान कर दिया है कि फ़िल्म छपाक को ज़रूर देखने जाऊंगा। यह फ़िल्म समाजिक बुराई पर आधारित है। साल 2005 में देश की राजधानी दिल्ली की लक्ष्मी अग्रवाल, नदीम ख़ान से शादी करने से इंकार कर देती है, जिसके बाद नदीम ख़ान लक्ष्मी पर चेहरे पर एसिड फेंक देता है।
एक और वबाल यह खड़ा कर दिया है कि फ़िल्म में नदीम ख़ान का जो रोल निभा रहा है,उसका नाम राजेश क्यों रखा गया है? कहा जा रहा है कि हिन्दू धर्म को बदनाम करने के साज़िश है। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट यह कह दिया है कि फ़िल्म में राजेश नाम होगा तो कोई इश्करण,जो कि पेशे से वकील हैं, दीपिका और फ़िल्म निर्माता पर केस करेंगे। इस वबाल पर मैंने अपनी दोस्त उषा श्रीवास्तव से बात की। उषा ने बताया फ़िल्म मे एसिड फेंकने वाले का नाम राजेश, नहीं बल्कि बशीर ख़ान उर्फ़ बब्बू है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें