रविवार, 12 जनवरी 2020
बिहार में बेरोज़गारी के स्तर का नमूना।
"National Youth Day" स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिवस के दिन मनाया जाता है। 12 जनवरी यानि बीते दिन जब देशभर के मुख़्तलिफ़ शहरों में स्वामी जी के नाम पर कार्यक्रम हो रहे थे, तब बिहार के नौजवान अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए धक्के खा रहे थें। पूरे सूबे की तस्वीरें यहां दिखा पाना सम्भव नहीं था, लेकिन इन्हीं दोनों तस्वीरों के आधार पर अन्दाज़ा लगाया जा सकता है कि बिहार में बेरोज़गारी का स्तर कितना हो सकता है। रविवार को Biharpolice में सिपाही के 11880 पदों की भर्ती के लिए पहले दिन की परीक्षा हुई। 20 तारीख़ को दूसरे दिन की परीक्षा होगी। 11880 सीटों के लिए क़रीब 13 लाख़ अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। इन आंकड़ों से बेरोज़गार युवाओं का अनुमान लगा पाना क्या अब भी मुश्किल है? हाजीपुर स्टेशन पर अभ्यर्थियों ने नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी भी की। सूबे भर के रेलवे स्टेशन का सूरत-ए-हाल यह था कि ट्रेन की पटरियों पर अभ्यर्थियों खड़े रहते थें। प्लेटफ़ॉर्म पर सभी का खड़ा हो पाना सम्भव नहीं था। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंचती थी, छत्ते पर जैसे मधुमक्खी इकट्ठा हो जाती थीं, वैसे ही अभ्यर्थियों इंजन से लेकर बोगी के दरवाज़े पर तक लट जाते थे। जान जोख़िम में डालकर परीक्षा देने आए और गये।
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