मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

आपका दीया जलाना,किसी की ज़िन्दगी में उजाला लाएगा!



कल एक रिश्तेदार के यहां जाना हुआ।अपने कमरे से मेट्रो स्टेशन और मेट्रो स्टेशन से रिश्तेदार के घर तक पैदल चला। रास्ते में कई बाज़ारों सेे गुजरते हुए मेरी निगाहें कुम्हारों की दुकान तलाश रही थी।मैं चाइनीज़ बल्ब,झालर वगैरह-वगैरह और कुम्हारों की दुकान का अनुपात जानना चाहता था। मैं कुम्हारों की दुकान इसलिए तलाश रहा था,क्योंकि दीपावली में तो दीया की ही प्रधानता होती है।बड़ी मुश्किल से दो दुकान दिखा। मैं दोनों दुकान पर गया।थोड़ी-थोड़ी देर दोनों दुकान पर सिर्फ़ ये जानने के लिए खड़ा रहा कि शहरों में दीया का स्थान चाइनीज़ बल्बों ने कैसे ले लिया है?दुकान पर मौजूद ग्राहकों की बात सुनकर मैं हैरान रह गया। कुछ देर के लिए मैं गांव में मनाएं दीपावली के समय को याद करने लगा।कुम्हार जिस दिन दीया दे जाता था,उसी दिन से सब भाई-बहन मिल के इस बात की तैयारी करते थें कि इस बार दीया से अपने घर को कैसे सज़ाना है और देर रात तक इस बात का ख़्याल रखते थे कि एक भी दीया बुझने ना पाए।दादी एक बार दीया जलाकर दे देती थीं और देर रात तक हमलोग जागकर दीया को बुझने नहीं देते थे।
मैं रिश्तेदार के यहां देर रात तक छत पर बैठा था। दूर-दूर तक ऊंची-ऊंची इमारतें चाइनीज़ बल्बों की रौशनी से सराबोर थी। ग्राहकों की बात से दीपावली में 'चाइनीज़ बल्ब इन और दीया आउट' होने का कारण पता चला। लोगों का कहना था कि कौन इतनी मेहनत करेगा- पहले एक-एक करके दीया जलाओ और फिर देखते रहो कि बुझे ना।बल्ब ही लटकाना सही रहता है। कोई टेंशन नहीं रहता है।दीया तो सिर्फ़ इसलिए वे रहें हैं कि पूजा में इसकी ज़रूरत होती है।
मैं आप सबसे गुजारिश कर रहा हूं।जैसा कि आप सब जानते ही हैं कि दीया के जलने से अंधियारा दूर होता है। इसलिए मैंने पहली लाइन 'आपका दीया जलाना,किसी के ज़िन्दगी में उजाला लाएगा!' लिखा है।आपके दीया ख़रीदने से मुख्य फ़ायदा ये होगा कि आप 'रचनात्मकता' को ज़िन्दा रखने में सहयोग करेंगे।यदि आपको कभी कुम्हार के दिनचर्या को करीब से देखने का मिला होगा,तो आपके पता ही होगा की कितनी मेहनत वाला काम है। सिर्फ़ कुम्हार का ही नहीं, कुम्हार के परिवार के कई सदस्य, यहां तक की छोटे-छोटे बच्चों के सहयोग से मिलकर दीया और मिट्टी का सामान तैयार होता है।जब आप ये सामान उचित मूल्य देकर ख़रीदेंगे,तभी तो कुम्हारों का भरण-पोषण होगा।उनके बच्चों की उचित परवरिश हो पाएगी।पढ़-लिखकर अलग-अलग रूप में देश की सेवा करेंगे।

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