आज डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्य तिथि है।आज ही के दिन साल 2015 में,कलाम साहब हमलोग को छोड़ कर चले गए।भारत माता के इस सपूत का अचानक से हम सब को छोड़ के चला जाना अपूर्णीय छति है।अब जब आज वो हमारे बीच नही होते हुए भी हमारे बीच रहते हैं,सिर्फ़ अपने कर्मों की वज़ह से।ऐसे ही लोगों को देखकर कभी-कभी गर्व भी होता है और डर भी लगता है कि ये ना होते तो कैसा होता हमारा देश।कलाम साहब एक किताब थें,जिसका हर पन्ना आपको बेहतर इंसान बनाता है।वो अपनी प्रेरणादायी लेखन और सुवचन के कारण अब भी हमारे बीच हैं।ऐसा ही कुछ वाक्य मैं आपके साथ साझा कर रहा हूं।
कलाम साहब,जब वो राष्ट्रपति थें तो उनके कार्यकाल के अन्तिम दिनों में उनको रामनाथ गोयनका पुरस्कार कार्यक्रम में बुलाया गया ।पुरस्कार वितरण के बाद इस बात पर बहस होने लगी की 'क्या अच्छी पत्रकारिता बुरा व्यवसाय है?बहस का नतीज़ा आज़ तक तो नही निकला,ना निकलेगा।मंच पर उपस्थित राजदीप सरदेसाई ने कलाम साहब को सलाम और बाय-बाय सर कहा।इसी मंच पर ही उपस्थित बरखा दत्त ने कहा-"राष्ट्रपति जी एन राम आपकी ही बातों का जवाब दे रहें हैं,सुनते जाइए।कलाम साहब लौटते हैं और मंच पर पालथी मार कर बैठ जाते हैं।एन राम और उनके बीच बहस होती है कि विकास कैसे हो?बाद में कलाम ये कहकर चलते बने की इस पर बहस ज़रूर कीजिए,लेकिन ध्यान रखिए कि लोगों को ग़रीबी रेखा से कैसे ऊपर लाया जाए।बात क्या हुई ये महत्वपूर्ण नही है,एक राष्ट्रपति का इस तरह फ़र्श पर बैठ जाना सबको हैरान कर गया।
अब आगे उनकी बातों को शब्दसह लिख रहा हूं।जब कलाम साहब बोलने लगे तो सब लोग चुपचाप उन्हें सुनने लगे।उन्होंने ने एन राम से कहा-
"No,mister Ram.I don't want to take any of ur agenda.you got an agenda,ur meeting ok.but the agenda what I have suggest that,you can calibrate what is the National development?That is the 2 hundred and 20 million people on below poverty line.so how do u bring them up?So that is the agenda.there may be many development going on to agriculture to any subject.but agenda is very clear.2 hundred and 20 million people of below poverty line.how do you live them up?What contribution you make?If u want to economic development of the nation is not a end of it.i have define it.National prosperity is that equal to A+B+C।
A-Gdp that the economic development.
B is 2 hundred 20 million people,how year lifting up. every year reduce the below poverty line and third
C is that,no body talked about,that is value system.value system comes from 200 million house are there.how many houses are joint family?How many of u like joint family ?Lift ur hand.so u promote such type of thing."
ये कलाम साहब का कथन था।अन्त के 5 पंक्ति को दुबारा पढ़िये।उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से पूछा कि आप लोगों में से कितने लोग सम्मिलित परिवार में रहना चाहते हैं,हाथ उठाये।हाथ उठाने की औसत को देखकर मैं हैरान हो गया।
तो ऐसे थे हमारे कलाम साहब।
कलाम साहब,जब वो राष्ट्रपति थें तो उनके कार्यकाल के अन्तिम दिनों में उनको रामनाथ गोयनका पुरस्कार कार्यक्रम में बुलाया गया ।पुरस्कार वितरण के बाद इस बात पर बहस होने लगी की 'क्या अच्छी पत्रकारिता बुरा व्यवसाय है?बहस का नतीज़ा आज़ तक तो नही निकला,ना निकलेगा।मंच पर उपस्थित राजदीप सरदेसाई ने कलाम साहब को सलाम और बाय-बाय सर कहा।इसी मंच पर ही उपस्थित बरखा दत्त ने कहा-"राष्ट्रपति जी एन राम आपकी ही बातों का जवाब दे रहें हैं,सुनते जाइए।कलाम साहब लौटते हैं और मंच पर पालथी मार कर बैठ जाते हैं।एन राम और उनके बीच बहस होती है कि विकास कैसे हो?बाद में कलाम ये कहकर चलते बने की इस पर बहस ज़रूर कीजिए,लेकिन ध्यान रखिए कि लोगों को ग़रीबी रेखा से कैसे ऊपर लाया जाए।बात क्या हुई ये महत्वपूर्ण नही है,एक राष्ट्रपति का इस तरह फ़र्श पर बैठ जाना सबको हैरान कर गया।
अब आगे उनकी बातों को शब्दसह लिख रहा हूं।जब कलाम साहब बोलने लगे तो सब लोग चुपचाप उन्हें सुनने लगे।उन्होंने ने एन राम से कहा-
"No,mister Ram.I don't want to take any of ur agenda.you got an agenda,ur meeting ok.but the agenda what I have suggest that,you can calibrate what is the National development?That is the 2 hundred and 20 million people on below poverty line.so how do u bring them up?So that is the agenda.there may be many development going on to agriculture to any subject.but agenda is very clear.2 hundred and 20 million people of below poverty line.how do you live them up?What contribution you make?If u want to economic development of the nation is not a end of it.i have define it.National prosperity is that equal to A+B+C।
A-Gdp that the economic development.
B is 2 hundred 20 million people,how year lifting up. every year reduce the below poverty line and third
C is that,no body talked about,that is value system.value system comes from 200 million house are there.how many houses are joint family?How many of u like joint family ?Lift ur hand.so u promote such type of thing."
ये कलाम साहब का कथन था।अन्त के 5 पंक्ति को दुबारा पढ़िये।उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से पूछा कि आप लोगों में से कितने लोग सम्मिलित परिवार में रहना चाहते हैं,हाथ उठाये।हाथ उठाने की औसत को देखकर मैं हैरान हो गया।
तो ऐसे थे हमारे कलाम साहब।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें