आज पूरे देश में लड़कियों को बचाने के
सन्दर्भ में बेटी बचाओ विषय बहुत महत्वपूर्ण सामाजिक जागरुकता का विषय है।
लड़कियों को बचाने के लिये बहुत से प्रभावशाली उपायों को अपनाया गया है, जिससे
इन्हें बहुत हद तक बचाया जा सकता है। समाज में बड़े स्तर पर गरीबी का प्रसार है जो
भारतीय समाज में अशिक्षा और लिंग असमानता का बहुत बड़ा कारण है। शिक्षा, गरीबी और लिंग भेदभाव को कम करने के
साथ ही भारतीय समाज मे बालिकाओं और औरत की स्थिति मे सुधार के लिए महत्वपूर्ण तत्व
है। आकड़ों के अनुसार, ये पाया
गया है कि उड़ीसा में महिला साक्षरता लगातार गिर रही है जहाँ लड़कियाँ शिक्षा और
अन्य गतिविधियों मे समान पहुँच नहीं रखती है।
शिक्षा गहराई के साथ रोजगार से जुड़ी
हुई है। कम शिक्षा का अर्थ है कम रोजगार जो समाज में गरीबी और लिंग असमानता का
नेतृत्व करता है। महिलाओं की स्थिति में सुधार करने के लिये शिक्षा बहुत प्रभावी
कदम है क्योंकि ये इन्हें वित्तीय रुप से आत्मनिर्भर बनाता है। समाज में महिलाओं
के समान अधिकार और अवसरों को सुनिश्चित करने के लिये सरकार ने कन्या बचाओं कदम
उठाया है। बॉलीवुड अभिनेत्री (परिणीति चौपड़ा) को प्रधानमंत्री की हाल की योजना
बेटी बचाओ (बेटी बचाओ, बेटी
पढ़ाओ) की एक आधिकारिक तौर पर ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।
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